मानसून के दौरान लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल शक्ति विभाग ने ऊना जिले में विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग ने सभी जल स्रोतों की नियमित सफाई, पानी की गुणवत्ता जांच और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि जलजनित बीमारियों की आशंका को कम किया जा सके। जल शक्ति विभाग सर्कल ऊना के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर नरेश धीमान ने बताया कि जिले में वर्तमान में 234 पेयजल योजनाएं, 620 ग्राउंड वाटर स्टोरेज टैंक और 237 ओवरहेड जल टैंक संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में जलजनित रोगों से बचाव के लिए विभाग मानसून से पहले और बाद में जल स्रोतों की साफ-सफाई कराता है। इस संबंध में सभी अधिशासी अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और कनिष्ठ अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इंजीनियर नरेश धीमान ने कहा कि पेयजल की आपूर्ति से पहले विभाग की परीक्षण प्रयोगशालाओं में पानी के नमूनों की गुणवत्ता जांच की जाती है। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही पेयजल आम लोगों तक पहुंचाया जाता है। विभाग का उद्देश्य है कि मानसून के दौरान भी लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए।