उपमंडल अंब के अंतर्गत ग्राम कुठेहड़ा खैरला में आयोजित पावन श्रीमद् भागवत कथा का श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर क्षेत्र भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं श्रोतागण उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति रस की अविरल धारा बहती रही। कथा व्यास पूज्य संत रमेश भाई शुक्ल जी ने अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से श्रीमद् भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस पावन कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन के समस्त कष्टों का निवारण होता है और उसे आध्यात्मिक शांति, सद्बुद्धि एवं मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि जिन पर भगवान की विशेष कृपा होती है, वही श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त कर पाते हैं। कथा के माध्यम से उन्होंने धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश देते हुए समाज को सकारात्मक दिशा में अग्रसर होने की प्रेरणा दी। समापन अवसर पर विधि-विधान से हवन-यज्ञ संपन्न किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर विश्व कल्याण की कामना की। इसके उपरांत सामूहिक आरती का आयोजन किया गया, जहां उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में प्रभु का गुणगान किया। वातावरण “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गूंज उठा। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजनकर्ता सुरिंदरा शर्मा, निशांत, प्रभात व स्वाति शर्मा ने कथा में पधारे सभी संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार धार्मिक आयोजनों में सहभागिता का आग्रह किया। इस भक्ति आयोजन ने न केवल क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का संचार किया, बल्कि सामाजिक एकता और सौहार्द का भी सशक्त संदेश दिया।