जिला ऊना की उपतहसील जोल के आसपास के सभी गांव आज घनी धुंध की चपेट में हैं। सुबह से ही धुंध इतनी सघन है कि कुछ ही मीटर दूर तक देख पाना मुश्किल हो रहा है। इसका सीधा असर आम जनजीवन के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। धुंध के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को भी आवागमन में जोखिम उठाना पड़ रहा है। कई स्थानों पर वाहन धीमी गति से चलने को मजबूर हैं जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। किसानों का कहना है कि लगातार पड़ रही धुंध और अधिक नमी से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों में रोग लगने का खतरा बढ़ गया है। किसान जोगिंदर सिंह ने बताया कि धुंध की वजह से खेतों में अधिक नमी बनी रहती है जिससे फसलों में फंगल रोग लगने का डर रहता है। यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा। वहीं, किसान रमेश कुमार का कहना है कि धुंध के कारण सुबह खेतों में काम शुरू करने में देरी हो जाती है। उन्होंने कहा ठंड और धुंध दोनों मिलकर खेती का काम मुश्किल बना रहे हैं ऊपर से फसल खराब होने की चिंता अलग से सताए हुए है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों पर चेतावनी संकेत लगाए जाएं और किसानों को कृषि विभाग की ओर से उचित मार्गदर्शन दिया जाए, ताकि धुंध और ठंड के मौसम में फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। फिलहाल क्षेत्रवासी मौसम के साफ होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि धुंध से राहत मिले और जनजीवन व खेती-किसानी फिर से सामान्य हो सके।