हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध और नदियों-नालों में जलस्तर बढ़ जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। जहां सामान्य दिनों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, वहीं अब बारिश और तबाही के खतरे को देखते हुए श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। हिमाचल के कई ज़िलों में तबाही का आलम है। गांव-गांव तक सड़क संपर्क टूटने से लोगों को मदद पाने में दिक्कतें आ रही हैं। बिजली और पानी की सप्लाई प्रभावित हो गई है। राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है।बारिश का असर पड़ोसी राज्य पंजाब तक भी दिख रहा है। जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर और पठानकोट जैसे जिलों में कई इलाकों में पानी भर गया है, जिसके चलते लोग घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। सड़कें तालाब जैसी हो गई हैं और दुकानदारों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। लोगों में बारिश और बाढ़ के खतरे को लेकर दहशत का माहौल है।