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Una: चिंतपूर्णी मंदिर में छिन्नमस्तिका जयंती धूमधाम से मनाई गई, उमड़ा आस्था का सैलाब, पुजारियों ने डाला हवन

शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में गुरुवार को छिन्नमस्तिका जयंती का पर्व पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में हाजिरी लगाकर विशेष पूजा-अर्चना की। पुजारी परिवार द्वारा मंदिर के हवन कुंड में 24 घंटे का अखंड हवन संपन्न हुआ, जिसकी पूर्णाहुति गुरुवार सुबह विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ डाली गई। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर तक करीब आठ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माता का प्रसाद ग्रहण किया। इस बार मंदिर परिसर को थाईलैंड, हॉलैंड और बेंगलुरु से मंगवाए गए फूलों से सजाया गया था। दिल्ली के एक श्रद्धालु ने सजावट का पूरा खर्च उठाया। मंदिर कॉम्प्लेक्स में बनाए गए जय माता दी सेल्फी पॉइंट पर युवाओं में फोटो खिंचवाने की होड़ रही। बुधवार रात से ही बाबा माईदास सदन में श्री दुर्गा स्तुति पाठ और भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया था। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे। ढोल-नगाड़ों और जयकारों से पूरा धाम गूंज उठा। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि जयंती को लेकर सभी तैयारियां पहले से पूरी थी और उन्होंने इस अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दी.छिन्नमस्तिका माता 10 महाविद्याओं में छठी देवी हैं। मान्यता है कि इनकी पूजा से शत्रुओं पर विजय, आत्मबल में वृद्धि और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। यह दिन तीव्र आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।वंही मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मी भी व्यवस्था बनाने को लेकर अपनी ड्यूटी देते नजर आए।

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