टकारला पंचायत स्थित श्रीराम मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा वाचक स्वामी नारायण पुरी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और महादेव शंकर के दिव्य मिलन का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। साधु रूप में महादेव के दर्शन से बालकृष्ण का शांत होना और उनके गोद में ही शांति पाना, हरि-हर की एकता का प्रतीक बताया गया। स्वामी ने कहा कि भगवान के लिए केवल भक्ति ही सर्वोपरि है। शिव और विष्णु एक-दूसरे के पूरक हैं। कथा सुनकर पंडाल हरि-हर के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।