आज से करीब 33 वर्ष पूर्व निर्मित किए गए गांव रायपुर सहोडा के प्रवेशद्वार को नए रंग रूप में तैयार करके लोगों को समर्पित किया गया। गांव के युवा समाजसेवी तेजपाल "तेजू" की पूजा माता सरला देवी पत्नी स्वर्गीय कृष्ण कुमार ने बुधवार को प्रवेशद्वार पर लगाई गई लाइटों को जलाकर इसका लोकार्पण किया। प्रवेशद्वार के जीर्णोद्धार तथा इसकी सुंदरता, भव्यता पर करीब 1 लाख 60 हजार रूपए खर्च किए गए हैं। आज से करीब 33 वर्ष पूर्व 1992 में गांव के ही एक समाजसेवी स्वर्गीय सरदार प्यार सिंह ने तत्कालीन ग्राम पंचायत प्रधान रोशन लाल तथा अन्य वरिष्ठ नागरिकों के सुझाव पर गांव में इस प्रवेशद्वार का निर्माण करवाया था। समाजसेवी तेजपाल "तेजू" ने बताया कि पिछले काफी समय से हमारे गांव का स्थानीय प्रवेशद्वार उपेक्षित सा लग रहा था, किसी ने भी इसकी महत्ता को नहीं समझा। इसी इच्छा की पूर्ति को लेकर उन्होंने इस प्रवेशद्वार के जीर्णोद्धार करवाने का निर्णय लिया, और उन्होंने तय किया कि वह अपनी निजी कमाई से गांव के इस प्रवेशद्वार को नया रंग रूप देकर इसकी भव्यता को पुनर्जीवित करेंगे, इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने यह छोटा सा प्रयास किया है। बता दें कि इससे पूर्व में भी तेजपाल ने गांव रायपुर सहोड़ा तथा माजरा रायपुर बाड़ेयां में करीब साढ़े चार लाख रुपए खर्ज कर स्ट्रीट लाइट लगवा अंधेरी गलियों को जगमग किया है। वे निर्धन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीनों तथा महिलाओं के लिए ही स्वरोजगार के अन्य साधनों पर भी अपनी जेब से काफी धनराशि खर्च कर चुके हैं।