हिमाचल प्रदेश में राजस्व घाटा अनुदान को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन और फिजूल खर्ची के गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन अपनाने के बजाय सरकारी धन का दुरुपयोग किया, जिसके चलते प्रदेश की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। राणा ने राजस्व घाटा अनुदान के मुद्दे को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार और वित्त आयोग पहले ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनता को गुमराह कर राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने का प्रयास कर रही है। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में फिर से आर्थिक मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है।