पीर निगाह मंदिर के अधिकार और प्रबंधन को लेकर चल रहा विवाद अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम पंचायत बसोली और भाजपा नेताओं की ओर से पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा के आरोपों का जवाब दिए जाने के बाद शनिवार को रायजादा का नया बयान सामने आया है। रायजादा ने अपने बयान में वर्ष 2018 की एक शिकायत का हवाला देते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं और उस समय की भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 3 जुलाई 2018 को भाजपा कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन उपायुक्त के समक्ष आवेदन देकर पीर निगाह मंदिर को सरकारी करने की मांग की थी और मंदिर में कथित अनियमितताओं की शिकायत की थी। रायजादा ने कहा कि शिकायत तत्कालीन डीसी प्रजापति ने एसपी को भेजी थी और पुलिस रिपोर्ट में मंदिर को लेकर कई गंभीर बातें सामने आने का दावा किया गया था।