राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना में चल रहे दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे और समापन दिवस शनिवार को भौतिक माध्यम से एक मुख्य वक्ता केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू की वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर डॉ. नीना गुप्ता विज और ऑनलाइन माध्यम से दो आमंत्रित मुख्यवक्ता प्रोफेसर वंदना शर्मा और बीट्स पिलानी-दुबई कैंपस से सहायक प्रोफेसर डॉ. सयंतन चक्रवर्ती ने अपने-अपने विचार प्रतिभागियों से सांझा किए। मुख्य वक्ता डॉ. नीना गुप्ता विज ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि कैसे डिजिटल तकनीक पारंपरिक और आधुनिक संचार के बीच के अंतर को जोड़ती है, जिससे साहित्य दोतरफा आदान-प्रदान बन जाता है। उन्होंने संस्कृति के वैश्वीकरण और सामाजिक प्रथाओं को आकार देने में डिजिटल मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर वंदना शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि साहित्यिक कार्य विभिन्न संस्कृतियों के बीच एक सेतु का काम करते हैं। डॉ. सयंतन चक्रवर्ती ने कहा कि चिकित्सा मानविकी और अंतःविषयता चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तकनीकी सत्रों में भौतिक तथा ऑनलाइन माध्यम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अपने-अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इस दो दिवसीय संगोष्ठी का प्रतिवेदन संगोष्ठी की समन्वयक अनीता सैनी ने प्रस्तुत की। इस अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह की मुख्यातिथि पुलिस उपमहानिरीक्षक कानून-व्यवस्था शिमला डॉ. रंजना चौहान रहीं। इस मौके पर राजकीय महाविद्यालय खड्ड ऊना के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र शर्मा, राजकीय महाविद्यालय चौकी मनियार ऊना के प्राचार्य डॉ. बलविंदर सिंह राणा, राजकीय महाविद्यालय ऊना के पूर्व प्राचार्य डॉ. सतीश कुमार बंसल, वरिष्ठ एसोसियेट प्रोफेसर रविराज सहित बड़ी संख्या में शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे। इस संगोष्ठी में देश-विदेश के 300 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जो महाविद्यालय के लिए एक गर्व का विषय है।