प्रदेश कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने कहा कि डीजीपी की ओर से ही कर्मचारियों के घरों में दबिश करवाई और कुछ भी नहीं निकला है। केंद्रीय जांच एजेंसी के इशारे पर जो छापेमारी की है, उसमें डीजीपी फेल हुए हैं। उन्होंने लोनिवि विश्राम गृह ऊना में पत्रकार वार्ता में कहा कि डीजीपी केंद्रीय जांच एजेंसी के इशारे पर हिमाचल सरकार को गिराना चाहते हैं। अगर उनके पास हिमाचल के कर्मचारियों के खिलाफ इतनी ही मजबूत इनपुट थी, तो छापेमारी के दौरान उनके हाथ खाली क्यों रह गए। बेहतर होता अगर डीजीपी प्रदेश की अन्य जांच एजेंसियों के माध्यम से छापेमारी करने से पहले कोई पुख्ता जानकारी जुटाते। इसके लिए ऐसे कर्मचारियों के फोन सहित अन्य माध्यम से जानकारी एकत्रित करके कार्रवाई करते तो शायद इसके और सार्थक परिणाम होते। उन्होंने कहा कि डीजीपी यह बात स्पष्ट करें कि आखिरकार केंद्रीय जांच एजेंसी के इशारे पर जो कार्रवाई की है, उसके पीछे काम करने का क्या आधार रहा है। जिसके चलते वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के डीजीपी फेल साबित हो गए हैं। क्या केंद्रीय जांच एजेंसियों की इतनी गलत इनपुट थी। उन्होंने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सत्ती को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनके व्यक्तिगत व्यवसाय में झांकने से पहले भाजपा के विधायक अपने गिरेबान में झांके। अन्यथा लोगों को झूठी बयानबाजी करके गुमराह करने की कोशिश ना करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सतपाल सत्ती जब चाहे उनके होटल में आकर किसी भी तरह की सीसीटीवी की फुटेज ले सकते हैं।