हिमाचल प्रदेश बल्क ड्रग पार्क इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचपीबीडीपीआईएल) के प्रबंध निदेशक-सह-सीईओ डॉ. यूनुस ने बताया कि दो हजार करोड़ के तकरीबन लागत से बनने जा रहे बल्क ड्रग पार्क के लिए पर्यावरण की मंजूरी मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बिजली, पानी और सड़क की सुविधाएं बल्क ड्रग पार्क निर्माण के कार्य भी अंतिम चरण में है और मार्च अप्रैल तक यह भी काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बल्क ड्रग पार्क बनाने का कार्य फरवरी माह से शुरू हो जाएगा। वीरवार को डॉ. यूनुस की अध्यक्षता में ऊना जिले के हरोली के पंजुआना में हिमाचल प्रदेश बल्क ड्रग पार्क में एक साइट का दौरा किया गया। इस दौरे में प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया। जिनमें तिलक राज शर्मा अतिरिक्त सीईओ-सह-समन्वयक, एचपीबीडीपीआईएल, नरेश धीमान अधीक्षण अभियंता जेएसवी, हरीश पुरी अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग, बलराज सांगर अधीक्षण अभियंता एचपीएसईबीएल और राजेश मन्हास कार्यकारी अभियंता एचपीएसआईडीसी लिमिटेड समेत अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इसके अलावा जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), बॉयलर स्टीम जेनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट जैसे प्रमुख घटकों पर प्रगति पर चर्चा की गई। बताया कि ये निविदाएं मेसर्स वॉयंट्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के परामर्श से संरचना के अंतिम चरण में हैं। बताया कि लिमिटेड परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) अंतिम रूप दिए गए प्रस्तावों को अनुमोदन के लिए आगामी उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। डॉ. यूनुस ने निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों के बीच स्पष्ट और लगातार संचार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से अपने संबंधित कार्यों की प्रगति पर नियमित अपडेट प्रदान करने, परियोजना के उद्देश्यों और मील के पत्थर को प्राप्त करने के लिए एक एकीकृत और सहयोगात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने का आग्रह कि