जिला ऊना सहित आसपास के जिलों में किडनी रोगियों की संख्या बढ़ना चिंताजनक है। कहीं न कहीं जागरूकता के दौर में लोगों की अज्ञानता ही इस रोग से ग्रसित बना रही है। हम भूल जाते हैं कि किडनी हमारे शरीर में प्रमुख अंगों में से एक है। इसलिए इसकी देखभाल की जरूरत है। यह कहना है क्षेत्रीय अस्पताल ऊना स्थित डीसीडीसी किडनी केयर यूनिट में बतौर डायलिसिस मेडिकल ऑफिसर डॉ. अर्जुन का। उन्होंने बताया कि किडनी को बचाने के लिए अपने आसपास झोलाछाप बनकर बैठे लोगों का सहारा लेना छोड़ दें। मरीजों के अनुभव के आधार पर सामने आया है कि कई किडनी रोगियों ने झोलाछाप की दवाओं से पीड़ित बनते हैं। वर्तमान में ऊना अस्पताल के केंद्र में लगभग 70 किडनी रोगी डायलिसिस का लाभ ले रहे हैं। यहां स्थापित 10 मशीनों पर प्रतिदिन लगभग 22 किडनी रोगियों के डायलिसिस हो रहे हैं। किडनी रोगियों में अधिकांश ऊना, अंब, हरोली, बंगाणा सहित साथ लगते कांगड़ा, बिलासपुर एवं हमीरपुर के मरीज भी यहां डायलिसिस कराने पहुंचते हैं। वर्तमान में किडनी रोगियों की संख्या काफी बढ़ रही है।