आम जनमानस की सुविधाओं के लिए सतारूढ़ सरकारें कई योजनाओं, कार्यों को मुहैया कराने की बड़ी-बड़ी घोषणाएं व दावे करती हैं। वोट बटोरने के लिए भी कई बार ऐसे घोषणाएं भी की जाती हैं। जो चार दशकों बाद भी अधूरी ही नजर आती हैं। अमलैहड़ चिंतपूर्णी वाया धलवाड़ी सड़क की हालात भी कुछ ऐसी ही स्थिति बयान कर रही है। वन क्षेत्र में आने के कारण वर्षों बाद सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद शेष 23 किलोमीटर बची सड़क का निर्माण कार्य शुरू तो हुआ लेकिन अभी तक यह सड़क पूरी नहीं हो पाई। वाहन चालकों में आशू, राकेश, दलीप, सुभाष सिंह ने कहा कि इस सड़क का कार्य अधूरा होने के कारण असुविधा होती है। वहीं बारिश के दिनों में इस सड़क के कच्चे भाग से वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी रहती है।