आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन संबंधित सीटू के बैनर तले एमसी पार्क ऊना में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें केंद्र सरकार की आईसीडीएस विरोधी नीतियों के खिलाफ 20 मई 2025 को हड़ताल को लेकर रूपरेखा बनाएगी और आह्वान किया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करके ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा और इस को सफल बनाने के लिए सभी से बढ़कर भाग लेने का आह्वान किया गया। यूनियन की राज्य अध्यक्ष नीलम जसवाल व जिला नरेश शर्मा ने दो टूक शब्दों में चेताया है कि वर्तमान में केंद्र सरकार आंगनवाड़ी वर्कर के साथ धोखा करती आई है। उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार ने सबसे पहले आंगनबाड़ी के बजट को घटाकर कम कर दिया। 2025 में भी भारी महंगाई के बावजूद आईसीडीएस बजट में केवल 150 करोड़ की बढ़ोतरी की गई, सरकार की गलत नीतियों के कारण लाभार्थियों के पास समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है। आंगनबाड़ी कर्मियों को पोषण ट्रैप एप के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें फेस कैप्चर ओटीपी आधार कार्ड लिंक मोबाइल रिचार्ज मोबाइल सिगनल समेत अन्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। कहा कि कर्मचारियों को किस्तों में वेतन भुगतान होने से कर्मचारियों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। निजीकरण को बढ़ावा देखकर केंद्र सरकार वेदांत कंपनियों के हवाले करके कर्मचारियों को नौकरी से निकलने की साजिश की जा रही है। इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। आंगनवाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन संबंधित सीटू गुजरात इकाई द्वारा दायर याचिका पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आंगनबाड़ी कर्मचारी को ग्रेच्युटी देने का निर्णय लिया था। एक अन्य याचिका पर फैसला देते हुए माननीय गुजरात हाई कोर्ट ने आंगनवाड़ी वर्कर को सरकारी कर्मचारी की तर्ज पर क्लास थ्री और आंगनबाड़ी सहायकों को क्लास फोर्थ कर्मचारी घोषित करने का निर्णय दिया है। इन दोनों निर्णयों से स्पष्ट हो गया है कि आंगनबाड़ी कर्मचारी सरकारी कर्मचारी हैं। उन्होंने मांग की है कि अब आंगनवाड़ी वर्कर को यूनियन की बैनर चले अपने नियमितीकरण की मांग उठाई है ताकि उन्हें उनका हक मिल सके।