सोलन में विशेष फायर दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया और फायर दुर्घटनाओं में जो फायरमैन वीरगति को प्राप्त हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर फायर अधिकारी कमलजीत ने इस मौके पर जानकारी देते हुए बताया कि यह दिन 17 अप्रैल 1944 को मुंबई (तब बॉम्बे) में हुए डॉक विस्फोट में जान गंवाने वाले अग्निशमन कर्मियों की याद में मनाया जाता है। इस भयानक हादसे में 66 फायरमैन वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनके साहस और बलिदान को याद करते हुए इस दिन को हर साल राष्ट्रीय फायर सर्विस डे के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम के दौरान फायर अधिकारी ने आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों और अग्नि सुरक्षा उपकरणों के सही इस्तेमाल के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली, रेस्क्यू ऑपरेशन और आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी दी। फायर अधिकारी कमलजीत ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और संस्थानों में फायर सेफ्टी उपकरणों को स्थापित करें और नियमित रूप से उनकी जांच करवाएं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में समय रहते उचित कदम उठाया जा सके।