पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा तथा स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय सेना द्वारा आयोजित ‘सूर्य ग्रीन हिमालयन ओडिसी’ अभियान का शुभारंभ शुक्रवार सुबह कसौली सैन्य स्टेशन से किया गया। प्रातः लगभग 7:30 बजे सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ़ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने सैन्य स्टेशन के हेलीपैड से अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत 10 इलेक्ट्रिक कारों का एक विशेष दल हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के सीमावर्ती तथा दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों से होकर यात्रा करेगा। यह अभियान 22 जून को लेह पहुंचकर संपन्न होगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य कठिन भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों में इलेक्ट्रिक वाहनों की क्षमता, विश्वसनीयता और उपयोगिता का परीक्षण एवं प्रदर्शन करना है। भारतीय सेना का मानना है कि भविष्य में हरित और टिकाऊ परिवहन प्रणालियों की आवश्यकता को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों की भूमिका लगातार बढ़ेगी। इसी दृष्टिकोण के तहत अभियान में शामिल वाहनों का प्रदर्शन और अनुभव भविष्य में सेना के परिवहन बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अभियान के दौरान वाहन ऊंचे पर्वतीय दर्रों, सीमावर्ती क्षेत्रों और चुनौतीपूर्ण मार्गों से होकर गुजरेंगे, जहां उनकी बैटरी क्षमता, प्रदर्शन, चार्जिंग आवश्यकताओं तथा विभिन्न मौसम परिस्थितियों में संचालन क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। सेना के अनुसार यह पहल कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय प्रयासों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी, जवान तथा अभियान दल के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मीडिया के साथ संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें अभियान के उद्देश्यों, तकनीकी विशेषताओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। ‘सूर्य ग्रीन हिमालयन ओडिसी’ न केवल भारतीय सेना की तकनीकी नवाचारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि हरित ऊर्जा और सतत विकास के प्रति उसके संकल्प का भी प्रतीक है। यह अभियान देश में स्वच्छ परिवहन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कठिन हिमालयी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों की व्यवहारिकता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।