हिमाचल पथ परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों ने पेंशन मेडिकल बिलों और अन्य वित्तीय लाभों के भुगतान में हो रही देरी को लेकर भारी नाराजगी है। शुक्रवार को हिमाचल पथ परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की बैठक पेंशन भवन तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिसमें पेंशनरों की लंबित मांगों और आर्थिक परेशानियों पर चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मई माह की 15 तारीख बीत जाने के बावजूद अब तक पेंशन जारी नहीं की गई है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश पेंशनर अपनी पेंशन पर ही निर्भर हैं। और भुगतान में देरी से घरेलू खर्च व दवाइयों की व्यवस्था करना कठिन हो गया है। पेंशनरों ने आरोप लगाया कि मेडिकल बिल लंबे समय से लंबित पड़े हैं। कई बुजुर्ग कर्मचारी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। लेकिन मेडिकल प्रतिपूर्ति न मिलने से उन्हें इलाज के लिए कर्ज लेने तक की नौबत आ रही है। कर्मचारियों ने सरकार से लंबित मेडिकल बिलों का शीघ्र भुगतान करने की मांग उठाई। बैठक में एक जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित पेंशन का लाभ न मिलने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को संशोधित पेंशन और वित्तीय लाभ मिल चुके हैं। जबकि एचआरटीसी पेंशनरों को अब तक इससे वंचित रखा गया है। तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते की लंबित किस्त का मामला भी बैठक में उठा। कर्मचारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में डीए देने की घोषणा की गई थी। जो अब तक आदेश जारी नहीं हुए हैं। बैठक में 12 मई को गठित संयुक्त संघर्ष समिति का भी जिक्र किया गया। कर्मचारियों ने बताया कि समिति में प्रदेश के 18 विभाग शामिल हैं और एचआरटीसी संगठन भी इसका हिस्सा है। समिति की ओर से मुख्यमंत्री के समक्ष कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगें उठाई गई हैं। प्रतिनिधियों के अनुसार मुख्यमंत्री ने वर्ष 2016 से 2022 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने का आश्वासन दिया है। साथ ही एचआरटीसी कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में अलग बैठक आयोजित करने की बात भी कही गई है। बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। वही बैठक में बलबीर सिंह चौधरी, बृजलाल गर्ग, रघुनाथ शर्मा, श्यामलाल, प्रेम चौधरी, प्रेम कुमार, शेर सिंह, जीतराम, चेतराम, रमेश, हरिदास, रघुवर, मेहर सिंह, राजेंद्र कंवर, नरेश सोनी, अशोक, शंकर लाल और कुलदीप सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।