नालागढ़ में शीतला माता मंदिर में पहले बासड़े के अवसर पर मत्था टेका और बच्चों के आरोग्य का आशीर्वाद लिया। भीड़ से बचने के लिए लोग सुबह 4 बजे से पहले ही लाइनर में लग गए थे बासड़े (शीतला अष्टमी/सप्तमी) का प्रमुख महत्व आरोग्य और रोग-निवारण है, जो होली के बाद स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। इस दिन माता को ठंडे/बासी भोजन का भोग लगाकर परिवार की सुख-शांति और चेचक, खसरा जैसी संक्रामक बीमारियों से रक्षा की प्रार्थना की जाती है। यह परंपरा बदलते मौसम में शरीर को ठंडा रखने और बासी भोजन ग्रहण कर निरोगी रहने का संदेश देती है।