नालागढ़ के समीप बारियां स्थित राजलक्ष्मी संविद गुरुकुलम सैनिक स्कूल में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता दीदी मां साध्वी ऋतंभरा ने श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों को आध्यात्मिक जीवन, आत्मचिंतन और मानसिक शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का व्यक्ति सुख की तलाश में पूरी दुनिया में भटक रहा है, लेकिन अपने भीतर झांकने का प्रयास नहीं करता। दीदी मां साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि "मनुष्य दुनिया से भाग सकता है, लेकिन स्वयं से कभी नहीं भाग सकता।" उन्होंने कहा कि मन में संचित नकारात्मक विचार और चिंताएं ही अधिकांश दुखों का कारण बनती हैं। यदि व्यक्ति अपने मन को शांत और निर्मल बनाए रखे तो जीवन अधिक सुखद और संतुलित हो सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे लोग रात को सोने से पहले अपनी ओढ़ने वाली चादर को झाड़कर साफ करते हैं, उसी प्रकार यदि सोने से पहले मन की चादर से भी दिनभर के नकारात्मक विचार, तनाव और कटु अनुभवों को हटाने का प्रयास करें तो मन को शांति मिलेगी और अच्छी नींद आएगी। साध्वी ऋतंभरा ने उपस्थित लोगों से सकारात्मक सोच, आत्मनिरीक्षण और आध्यात्मिक जीवन को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि मानसिक शांति और सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं में नहीं, बल्कि व्यक्ति के अपने अंतर्मन में छिपा होता है। कार्यक्रम में शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों के अलावा विद्यालय के शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।