सोलन में मंगलवार को हुई तेज बारिश से कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर कई जगहों पर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा सड़क पर आया। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं वाहन चालकों को बारिश के बीच संभलकर वाहन चलाने पड़े क्योंकि कई जगहों में सड़क पर निकासी सही न होने के कारण भी दिक्कतें आईं। इस दौरान चक्कीमोड़ पर भारी मलबा और पत्थर आने से करीब एक किलोमीटर तक वाहन निचली लेन में चलाने पड़े। हालांकि उस लेन में भी खतरा बना रहा। इसके अलावा दत्यार, सनवारा, पट्टा मोड, बड़ोग बाईपास, सलोगड़ा और कंडाघाट में भी कई जगह पर मलबा और पत्थर गिरे। हालांकि गिरते मलबे और पत्थरों को फोरलेन निर्माण कर रही कंपनियों ने बारिश में ही सड़क से किनारे किया और हाईवे को सुचारु रखा। वहीं बारिश और घने काले बादलों के चलते दिन में हल्का अंधेरा भी रहा और सड़क पर धुंध होने से दृश्यता भी कम रही। मंगलवार को जिले में दिनभर मूसलाधार बारिश हुई। बारिश का सिलसिला दोपहर बाद करीब 3:00 बजे शुरू हुआ और शाम 6:00 बजे तक चलता रहा। बारिश से तापमान में भी काफी गिरावट आ गई है और हल्की ठंड का एहसास होने लगा है। उधर, इस बारे में फोरलेन निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज कुमार ने बताया कि बारिश से फोरलेन पर कई जगह मलबा आया था। इससे कई जगह पर वाहनों की एक लेन चलानी पड़ी। बारिश रूकते ही मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया।