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Sirmour: दलित शोषण मुक्ति मंच ने देवभूमि क्षत्रिय संगठन पर लगाया समाज की भावनाओं को भड़काने का आरोप

अंकेश डोगरा Updated Tue, 28 Oct 2025 02:41 PM IST

सिरमौर जिले के शिलाई में संविधान को साक्षी मानकर शादी करने वाले दो सगे भाईयों की शादी पर रार थमने का नाम नहीं ले रही है। देवभूमि क्षत्रिय संगठन के संस्थापक रूमित सिंह ठाकुर ने इसपर करारी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सनातन का अपमान करार दिया है। अब, उनकी प्रतिक्रिया पर दलित शोषण मक्ति मंच ने निशाना साधते हुए देवभूमि क्षत्रिय संगठन पर भड़काऊ बयानबाजी करने का आरोप लगाया है। प्रेस को जारी बयसान में दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य संयोजक आशीष कुमार, सह संयोजक राजेश कोष, मिंटा जिंटा ने कहा कि यह विवाह संविधान की भावना के अनुरूप हुआ है, और इसे लेकर किसी संगठन द्वारा अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। राज्य संयोजक आशीष कुमार ने कहा कि देवभूमि क्षत्रिय संगठन द्वारा इस विवाह को सनातन का अपमान बताना.., न केवल असंवैधानिक है, बल्कि समाज में नफरत और विभाजन फैलाने का प्रयास है। भारत का संविधान हर नागरिक को यह अधिकार देता है कि वह अपने जीवन, विश्वास और रिश्तों के निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सके। कोई भी संगठन यह ठेकेदारी नहीं ले सकता कि कौन-सा जीवन तरीका धर्मसंगत है और कौन-सा नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग संविधान से ऊपर धर्म या परंपरा को रखकर व्यक्तिगत आजादी पर सवाल उठाते हैं, वे लोकतंत्र और मानवाधिकारों के विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि सिरमौर में हुई यह शादी सामाजिक परिवर्तन और प्रगतिशील सोच का प्रतीक है। इसका विरोध करने वाले संविधान और आधुनिक भारत की आत्मा के विरोधी हैं। प्रशासन को ऐसे संगठनों के भड़काऊ बयानों पर संज्ञान लेना चाहिए जो समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान से बड़ा कोई धर्म नहीं, समानता से ऊँची कोई परंपरा नहीं, और स्वतंत्रता से ऊपर कोई सामाजिक दबाव नहीं हो सकता। शोषण मुक्ति मंच हर उस आवाज़ के साथ खड़ा है जो लोकतंत्र, समानता और इंसानियत की रक्षा के लिए उठती है।

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