हाब्बी मानसिंह कला केन्द्र, जालग में संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली की ओर से संचालित कला दीक्षा श्रृंखला के तहत आयोजित मुखौटा निर्माण एवं मुखौटा नृत्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का मूल्यांकन किया गया। यह प्रशिक्षण मई 2024 से मई 2025 तक गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत गुरु गोपाल सिंह हाब्बी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। कार्यक्रम के सहगुरु डॉ. जोगेन्द्र हाब्बी रहे, जबकि प्रसिद्ध लोकगायक रामलाल वर्मा ने संगतकार के रूप में सहयोग दिया। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित युवा लोक कलाकार गोपाल हाब्बी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पारंपरिक मुखौटा निर्माण की तकनीकों के साथ विभिन्न मुखौटा नृत्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के मूल्यांकन के लिए संगीत नाटक अकादमी की ओर से कला दीक्षा के प्रभारी दीपक जोशी, रविंद्र किरार और नरवीर सिंह पझौता जालग स्थित हाब्बी मानसिंह कला केन्द्र पहुंचे। मूल्यांकन समिति में पझौता स्वतंत्रता सैनानी समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं पहाड़ी कलाकार संघ के वरिष्ठ सदस्य जय प्रकाश चौहान, वरिष्ठ लोकनर्तक एवं लोकनाट्य अभिनेता चेतराम ठाकुर तथा प्रसिद्ध लोकगायक धर्मपाल ठाकुर शामिल रहे। समिति के समक्ष प्रशिक्षु कलाकारों ने पारंपरिक शैली में मुखौटे तैयार कर अपनी कला दक्षता का प्रदर्शन किया। साथ ही सिंहटू और डग्याली नाच जैसे पारंपरिक मुखौटा नृत्यों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां भी दीं।