सिरमौर जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को चार नई हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इन आधुनिक मशीनों की मदद से अब दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों की एक्स-रे जांच की जा सकेगी, जिससे टीबी के मरीजों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस संबंध में गुरुवार को नाहन में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई। धगेड़ा ब्लॉक की बीएमओ डॉ. मोनिषा अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को मिली चार अतिरिक्त हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनें टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति देंगी। उन्होंने कहा कि इन मशीनों के माध्यम से स्वास्थ्य टीमें दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों की मौके पर ही जांच कर सकेंगी, जिससे संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान संभव होगी। उन्होंने बताया कि इन मशीनों का उपयोग केवल टीबी जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आयुष्मान आरोग्य शिविरों में भी मरीजों के एक्स-रे किए जाएंगे। इससे ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नई तकनीक और मोबाइल जांच सुविधा के माध्यम से टीबी उन्मूलन अभियान को और मजबूती मिलेगी तथा वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।