शोषण मुक्ति मंच हिमाचल प्रदेश के प्रदेश संयोजक आशीष कुमार, राज्य कमेटी सदस्य सुरेंदर धर्मा, नैन सिंह और राजेश तोमर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में एससी वर्ग पर बढ़ते अत्याचार और भेदभाव के विरोध में 17 नवंबर को प्रदर्शन होगा। उन्होंने कहा कि रोहड़ू के लिंबरा की अमानवीय उत्पीड़न घटना, हमीरपुर में महिला पर हुआ गंभीर हमला और शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों व कर्मचारियों के खिलाफ बढ़ती जातिगत भेदभावपूर्ण घटनाएं समाज में भय व असुरक्षा पैदा कर रही हैं। इन हालातों को देखते हुए मंच ने हिमाचल में तेलंगाना की तर्ज पर विशेष निधि कानून लागू करने की मांग रखी है, ताकि जातिगत उत्पीड़न, पुनर्वास, न्याय और सामाजिक सुरक्षा के लिए एक अलग, कानूनी और बाध्यकारी बजट प्रावधान सुनिश्चित हो सके। साथ ही देश के पांच राज्यों की तर्ज पर हिमाचल में भी स्वतंत्र सफाई कर्मचारी आयोग की स्थापना की मांग की गई है, ताकि सफाई कर्मियों के अधिकार, सुरक्षा, सेवा शर्तें और कल्याण से जुड़े मामलों की सीधी निगरानी और समाधान राज्य स्तर पर सुनिश्चित हो। इस प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक, मजदूर, कर्मचारी, छात्र, महिला, किसान और जनसंगठन शामिल होंगे।