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Video: न कमरे का ताला खुला और न ही जला कोई बल्ब, फिर भी आ गया 38624 का बिल, देखें रिपोर्ट

Krishan Singh Updated Sat, 09 May 2026 05:04 PM IST

हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को लेकर जनता की आशंकाएं अब हकीकत में बदलती नजर आ रही हैं। नाहन के वार्ड नंबर-9 से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने बिजली बोर्ड के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। यहां एक सेवानिवृत्त फौजी के बंद पड़े कमरे का बिजली बिल महज 15 दिनों में 38,624 रुपये भेज दिया गया है। बिल देखकर उपभोक्ता के होश उड़ गए हैं। वार्ड नंबर-9 के निवासी और भारतीय सेना से सेवानिवृत्त अक्षय भटनागर के दिवंगत पिता जेएस भटनागर के नाम पर दर्ज मीटर (संख्या 100001691199) का बिल पिछले छह महीनों से शून्य आ रहा था। कारण स्पष्ट था कि बिजली की खपत सरकार की ओर से निर्धारित 125 यूनिट की मुफ्त सीमा से काफी कम थी। अप्रैल 2026 का बिल भी शून्य ही रहा। लेकिन, खेल तब शुरू हुआ जब 23-24 अप्रैल को पुराना मीटर उखाड़कर स्मार्ट मीटर टांग दिया गया। हैरानी की बात यह है कि जिस कमरे में यह मीटर लगा है, वह पिछले डेढ़ महीने से बंद है और उस पर ताला लटका हुआ है। अक्षय भटनागर का कहना है कि महज 15 दिनों के भीतर बिना किसी खपत के 38,624 रुपये का बिल आना किसी जादू से कम नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जब बिल शून्य आता था, तब भी खर्च की गई यूनिट्स का ब्योरा दर्ज होता था, लेकिन इस नए स्मार्ट बिल में यूनिट्स का कोई हिसाब-किताब ही नहीं दिया गया है। अक्षय भटनागर ने चेतावनी दी है कि यदि इस मनमानी और त्रुटिपूर्ण बिलिंग को तुरंत दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे बोर्ड के खिलाफ कड़ा कदम उठाने से भी गुरेज नहीं करेंगे। बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि उनको ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर पूरी जांच की जाएगी और यदि कोई त्रुटि हुई है तो उसे ठीक कर दिया जाएगा।

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