रेणुकाजी बांध परियोजना से प्रभावित गृहविहीन परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया ने अब रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार से परियोजना प्रबंधन ने चयनित परिवारों से पुनर्वास ग्रांट के लिए आवेदन प्रपत्र भरवाने का कार्य शुरू कर दिया। पहले चरण में जिला प्रशासन द्वारा अधिसूचित 101 परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। परियोजना के तहत कुल 253 गृहविहीन परिवारों का पुनर्वास किया जाना है। प्रबंधन ने विस्थापित परिवारों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तीन निर्धारित विकल्प तैयार किए हैं, जिनमें से परिवार अपनी आवश्यकता और सहमति के अनुसार चयन कर रहे हैं। मुख्य प्रावधान के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को मकान निर्माण के लिए 250 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें 150 वर्गमीटर क्षेत्र में आवास का निर्माण किया जा सकेगा, जबकि शेष 100 वर्गमीटर भूमि का उपयोग खेती या अन्य आजीविका संबंधी गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। इसके साथ ही प्रत्येक परिवार को 27 लाख रुपये की पुनर्वास ग्रांट भी प्रदान की जाएगी। परियोजना प्रबंधन के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के एक माह के भीतर ग्रांट जारी कर दी जाएगी। कुल स्वीकृत राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा पहली किस्त के रूप में दिया जाएगा, ताकि प्रभावित परिवार बिना किसी देरी के अपने नए घर का निर्माण शुरू कर सकें। परियोजना के तहत एक ऐसे परिवार को पहले ही पुनर्वास ग्रांट जारी की जा चुकी है, जिसने अपनी ओर से नया मकान तैयार कर लिया है। शेष 152 परिवारों को भी आगामी चरणों में अधिसूचित कर योजना का लाभ दिया जाएगा। उप महाप्रबंधक (डीजीएम) रेणुकाजी बांध परियोजना दिनेश शर्मा ने बताया कि अधिसूचित 101 गृहविहीन परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। आवेदन प्रपत्र भरवाए जा रहे हैं और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया प्रभावित परिवारों की सहमति तथा निर्धारित मापदंडों के अनुसार पूरी की जाएगी।