हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार घोषणाओं की सरकार है। घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन धरातल पर योजनाएं हवा हो रही हैं। अब मेडिकल कॉलेज नाहन के लिए नए स्थान चयनित करने के बाद कैबिनेट अनुमति की जानकारी मिली है। सरकार को यदि मेडिकल कॉलेज को नए स्थान पर बनाना ही था तो यह फैसला 2023 में लिया जाना चाहिए था। अब जब सरकार के पास कम समय बचा है तो ऐसे में इस घोषणा के क्या मायने हैं। यह टिप्पणी नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने की। बिंदल ने कहा कि सरकार ने जो बजट हाल ही में पेश किया है उसमें स्वास्थ्य के लिए बजट एक हजार के करीब कम हो गया है। मेडिकल कालेज नाहन को 500 करोड़ देने की बात कही गई है। मेडिकल कालेज के लिए जमीन देखी गई है। इसके बनने से पहले कई महीने एफसीए की अनुमति में लगेंगे। वहीं, बाद में टेंडर प्रक्रिया होगा। तब तक चुनाव आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में केवल 18 महीने ही शेष हैं। ऐसे में जनता का केवल समय बर्बाद होगा। सरकार को यदि मेडिकल कालेज शिफ्ट भी करना था तो इसे पहले किया जाता। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज में जो पुराना भवन है उसे प्रयोग में लाया जा सकता था। माता-शिशु अस्पताल बनाया जा सकता था। लेकिन अभी तक नहीं बना। नर्सिंग कॉलेज के लिए केंद्र ने बजट दिया, लेकिन सरकार यहां कॉलेज नहीं बना पाई। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि केवल भाजपा के नेताओं को गाली देकर ही जनता का इलाज नहीं होता। इसके लिए सुविधाएं बढ़ाने पर काम किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने हिमाचल की सीमा पर एंट्री टैक्स बढ़ाए जाने के मामले में भी सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।