जीवन में कुछ बनना है तो लक्ष्य निर्धारित करना पड़ेगा, इसलिए सपने देखो, अभी से शुरु कर दो रंग भरना, ताकि बड़े होकर उस मुकाम को हासिल कर सको। यही उपयुक्त समय है, सपने देखने और उसमें रंग भरने का..। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामा में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन के सौजन्य से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में यह प्रेरणादायक उद्गार डीआईजी रमन कुमार मीणा ने छात्रों को संबोधित करते हुए रखे। उन्होंने बच्चों को समझाया कि कुछ बनने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना कितना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को रोजाना अखबार और पत्रिकाएं पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नियमित अखबार पढ़ने से वह दुनिया भर में होने वाली घटनाओं से अपडेट रहेंगे और बहुत कुछ नया सीखेंगे। डीआईजी ने बच्चों को नशे से दूर रहने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी का बच्चा अगर नशे की ओर बढ़ रहा है तो इससे भयंकर कुछ भी नहीं हो सकता। कोई भी बच्चा अपने मां-बाप को हारता हुआ नहीं देखना चाहेगा लेकिन जो बच्चा नशे की इस दलदल में फंस गया, उसके मां-बाप रोज हारते हैं, रोज मरते हैं..। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी नौकरी के दौरान नशे से जुड़े कई अनुभव भी साझा किये। कई मां-बाप का दर्द भी सामने रखा। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि कैसे एक बाप अच्छी नौकरी, अच्छा घर और अच्छी पेंशन के बावजूद नशे की दलदल में फंसे अपनी औलाद से हार जाता है।