शहीद लोबगा रांगज़ेन को श्रद्धांजलि अर्पित करने और चीन के कथित "जातीय एकता कानून" के विरोध में सोमवार को पांवटा साहिब में शांतिपूर्ण रैली निकाली गई। इस रैली का आयोजन क्षेत्रीय तिब्बती युवा कांग्रेस (पांवटा साहिब एवं पुरुवाला) और क्षेत्रीय तिब्बती महिला संघ (पांवटा साहिब एवं पुरुवाला) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह रैली लोबगा रांगज़ेन के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि देने और तिब्बती समुदाय से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई। उनके अनुसार, लोबगा रांगज़ेन ने 2 जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने आत्मदाह किया था। क्षेत्रीय तिब्बती युवा कांग्रेस, पांवटा साहिब के अध्यक्ष नवांग पेलजोर और पुरुवाला इकाई के अध्यक्ष छेरिंग तेनपा ने कहा कि रैली के माध्यम से चीन द्वारा लागू किए जा रहे कथित "जातीय एकता कानून" का विरोध दर्ज कराया गया। उनका आरोप है कि यह कानून तिब्बती पहचान, भाषा, संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए खतरा है। वहीं, क्षेत्रीय तिब्बती महिला संघ, पांवटा साहिब की अध्यक्ष दावा डोलमा और पुरुवाला इकाई की अध्यक्ष टाशी वांगमो ने बताया कि रैली भूपपुर एनएच-07 से शुरू होकर बद्रीपुर और पांवटा साहिब बस स्टैंड होते हुए एसडीएम कार्यालय तक पहुंची तथा नगर परिषद खेल मैदान में संपन्न हुई।