एक तरफ देवभूमि हिमाचल आर्थिक संकट से गुजर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के माननीय अपना वेतन बढ़ा रहे हैं। यह आरोप आज नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए समाजसेवी नाथूराम चौहान ने लगाए। उन्होंने कहा कि अंतोदय की बात करने वाले किस तरह से अपने लिए ही काम कर रहे हैं। इसका उदाहरण देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां आम लोगों से संबंधित बिलों की बात आती है तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर विरोध होता है और सदन से वाकआउट तक किया जाता है लेकिन दूसरी तरफ जब अपने वेतन भत्ते बढ़ाने की बात आती है तो कांग्रेस व भाजपा के विधायक एकजुट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस सरकार आई है तब से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बयान देते नजर आते हैं कि आर्थिक तंगी है इसलिए कर्मचारियों के अलावा पेंशन भोगियों सहित सामाजिक सुरक्षा पेंशन व अन्य आउटसोर्स सहित दैनिक भोगियों की तरफ ध्यान नही दिया जाता।