फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO : आईजीपी दक्षिण रेंज डॉ. जेपी सिंह बोले- वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष शिकायत कर सकते थे हेड कांस्टेबल

पुलिस विभाग में शिकायत निवारण तंत्र स्थापित है और विभाग के किसी भी कर्मचारी को यदि अपने अधिकारी से या अपनी कोई निजी समस्या है तो वह उसे वरिष्ठ अधिकारियों से उठा सकता है। वहां यदि शिकायत का समाधान नहीं होता तो उससे वरिष्ठ अधिकारियों से समस्या उठाई जा सकती है। लेकिन यदि कोई स्थापित किए गए शिकायत निवारण तंत्र का इस्तेमाल न कर सोशल मीडिया या जनता के बीच जाता है तो वह एक तरह से विभागीय प्रक्रिया की अवहेलना करना हुआ है। यह विचार आईजीपी दक्षिण रेंज डॉ. जेपी सिंह ने नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में पत्रकारों के सवालों के जबाब देते हुए दी। उन्होंने कहा कि हाल ही में सिरमौर के हैडकांस्टेबल ने सोशल मीडिय़ा पर वीडिय़ो जारी की थी, उसे ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि उक्त कांस्टेबल फिलहाल मेडिकल छुट्टी पर चल रहा है और फिलहाल उनकी पोस्टिंग कालाअंब पुलिस थाना में ही है। इसके अलावा नाहन में हाल ही में हुई एक अन्य घटना पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिय़ा एक दोधारी तलवार है और इसका प्रयोग सभी को काफी सोच विचार कर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज चंद सैकेंडों में ही अफवाह लाखों से करोड़ों लोगों तक पहुंच जाती है, जिससे समाज का माहौल खराब हो सकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिय़ा यूजर को यह ध्यान में रखकर कोई कंटेंट शेयर करना चाहिए कि कहीं उसकी वजह से कोई अफवाह तो नहीं फैल रही है। उन्होंने कहा कि नाहन में हुई घटना भी कुछ ऐसी ही है, कुछ शरारती लोगों ने इस रूप से पेश किया कि नाहन में माहौल खराब हो। उन्होंने कहा कि वह नाहन में बतौर पुलिस अधीक्षक रहे हैं और उन्हें यहां के माहौल की जानकारी है। कहा कि नाहन के लोग शांतिप्रिय लोग हैं और यहां जो धार्मिक सौहार्द लोगों में देखने को मिलता है वह पूरे देश में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसने भी माहौल खराब करने की कोशिश की है उनपर पुलिस कार्रवाई कर रही है। इस अवसर पर उनके साथ एसपी रमन कुमार मीणा, एएसपी योगेश रोल्टा, डीएसपी हैडक्वार्टर रमाकांत ठाकुर, डीएसपी पांवटा साहित आदिती सिंह मौजूद रहे। आईजीपी दक्षिण रेंज डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि सिरमौर में पुलिस क्राईम बैठक भी उन्होंने ली। इस दौरान पिछले एक साल के आंकड़े की बात करें तो कोई ज्यादा बदलाव नहीं है। कुछ मामले बढ़े हैं तो कुछ घटे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इसपर ओर ध्यान दें और आने वाले समय में आंकड़े ओर बेहतर हों। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ पुलिस की सहभागिता को बढ़ाने को लेकर भी बल देने की जरूरत है। पुलिस अपना काम करती है, लेकिन जब तक लोगों से बेहतर सूचनाएं नहीं मिलेंगी तब तक बेहतर परिणाम सामने नहीं आ सकते। उन्होंने कहा कि बहुत कम संसाधनों के बावजूद भी पुलिस बेहतर काम कर रही है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें