मझौली-टिप्पर पंचायत के सुरडबंगला में ऐतिहासिक मेले में महिलाओं ने महानाटी डाली। पारंपरिक मेले का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। मेला आराध्य देवता साहिब थानेश्वर कलेडा और दुर्मुख देवता बेलू के सानिध्य में मनाया गया। इस दौरान क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों की सुंदर झलक देखने को मिली। मेले में देवता के देवलुओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाओं ने हिस्सा लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीणों और महिलाओं ने पारंपरिक नाटी डालकर मेले की रौनक बढ़ाई। नाटी के दौरान पूरा माहौल लोक संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। मेले में पहुंचे लोगों ने देवता साहिब के समक्ष शीश नवाया कर आशीर्वाद लिया। क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पारंपरिक मेले के आयोजन से ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं, युवाओं, पुरुषों और महिलाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लेकर लोक संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने का संदेश दिया।