कल्पा में शनिवार को दो दिवसीय किन्नौर लिटरेचर फेस्टिवल का शानदार शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। यह कार्यक्रम किन्नौर की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित था, जिसमें क्षेत्र के अतीत, वर्तमान और भविष्य पर गहन चर्चा की गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से दलाई लामा का संदेश लोगों के बीच रखा गया, जिसने सभी उपस्थित जनों को आध्यात्मिकता और शांति का संदेश दिया। कार्यक्रम का पहला सत्र 'किन्नौर का अतीत और भविष्य कालातीत भूमि में परिवर्तन का मार्ग' विषय पर केंद्रित रहा। इस सत्र में प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। जगत सिंह नेगी ने किन्नौर के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। दीपक सानन ने किन्नौर के विकास पथ और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। प्रो. विद्या सागर नेगी ने क्षेत्र की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान पर अपना अकादमिक दृष्टिकोण साझा किया। डॉ. स्नेह लता नेगी ने किन्नौर के सामाजिक-सांस्कृतिक ताने-बाने पर विस्तृत जानकारी दी। प्रमिति ने भी अपने वक्तव्य से सत्र को समृद्ध किया। इस सत्र में किन्नौर के अतीत की गौरव गाथा, वर्तमान की चुनौतियां और भविष्य की संभावनाओं पर सारगर्भित चर्चा हुई। वक्ताओं ने क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। इस महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन में स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों और अन्य लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जो किन्नौर की अपनी विरासत और संस्कृति के प्रति गहरी रुचि को दर्शाता है।