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रामपुर बुशहर: सेंटा रोजा प्लम के पेड़ों में पत्तियों की भरमार, फूलों की कमी

लाखों प्लम की पेटियों का उत्पादन करने वाले रामपुर उपमंडल के निचले क्षेत्रों में प्लम के बगीचों में पत्ते ज्यादा और फूल कम निकले हैं। इससे सैकड़ों बागवानों की चिंता बढ़ गई है और खासे परेशान हैं। रामपुर के निचले क्षेत्रों में रेड ब्यूट प्लम के बाद अब सेंटा रोजा किस्म के प्लम में फ्लावरिंग का दौर शुरू हो गया है। कई क्षेत्रों के प्लम बगीचों में पेड़ों में पत्तियों की भरमार है। पेड़ों में फूल कम मात्रा में निकल रहे हैं। ऐसे में फसल प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है और बागवान चिंतित हो गए हैं। बागवानों को साल भर की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है और बंपर फसल के सपने चूर-चूर हो रहे हैं। बागवानों के अनुसार सर्दियों में सूखे की मार और इन दिनों तापमान के उतार-चढ़ाव से समस्या बढ़ी है। देवेंद्र सिंह, किशोर चौहान, राधा कृष्ण, सुरेंद्र, रंजीत, शेर सिंह और भूपेंद्र सहित अन्य बागवानों ने कहा कि सेंटा रोजा प्लम के बगीचों में पत्तियां ज्यादा और फूल कम आए हैं। इसके कारण फसल प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। सर्दियों में पर्याप्त बारिश न होने के कारण, इन दिनों रात को तापमान लुढक़ने और दिन को तापमान बढऩे से पेड़ों में फूल सही तरीके से नहीं आ रहे हैं। हर साल मौसम की मार बागवानों पर पड़ रही है। कभी सूखा तो कभी अंधड़ और ओलावृष्टि से बागवानी संकट में नजर आ रही है। कई साल से मौसम में आए बदलाव के कारण किसान-बागवान परेशानियों से जूझ रहे हैं और आर्थिकी को झटका लग रहा है। जबकि निचले क्षेत्रों में प्लम की फसल बागवानों की मुख्य आमदनी है, लेकिन मौसम की मार हर साल बागवान पर पड़ रही है।

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