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Rampur Bushahr: नंद लाल बोले- लाडा की बकाया राशि ब्याज सहित करनी होगी जमा, नहीं चलेगा कोर्ट का बहाना

उपमंडल रामपुर में निर्मित और निर्माणाधीन विद्युत परियोजनाएं लाडा (स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण) की राशि परियोजनाओं को ब्याज सहित देनी होगी। परियोजना कोर्ट का हवाला देना बंद करें और इसे लाडा में शामिल न करें। न्यायालय में रॉयल्टी संबंधी मामला विचाराधीन है, जबकि लाडा की राशि के भुगतान का इससे कोई लेना देना नहीं है। यह बात सातवें वित्त आयोग अध्यक्ष एवं हाल ही में लाडा अध्यक्ष बने नंद लाल ने रामपुर में आयोजित लाडा की बैठक के दौरान कही। उन्होंने लाडा की राशि संबंधि पुष्ट आंकड़े उपलब्ध न होने पर चिंता जताई और कहा कि जल्द ही समीक्षा बैठक कर इसकी वास्तविक स्थिति पता लगाई जाएगी। उन्होंने परियोजनाओं के साथ साथ पंचायत प्रतिनिधियों को भी लाडा की राशि को विकास कार्यों पर सही तरीके से खर्च करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना प्रभावितों को लाभ मिल सके। लाडा (स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण) की बैठक शुक्रवार को रामपुर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता सातवें वित्त आयोग एवं लाडा कमेटी अध्यक्ष नंद लाल ने की। बैठक में उपमंडल में निर्माणाधीन और निर्मित करीब ११ परियोजनाओं से संबंधित लाडा राशि और अन्य मदों को लेकर चर्चा हुई। बैठक में विभिन्न परियोजना की लंबित लाडा राशि को जल्द जारी करने के निर्देश दिए गए। बीते कई वर्षों से परियोजनाओं द्वारा लाडा राशि का भुगतान न करने को लेकर अध्यक्ष नंद लाल ने परियोजना के प्रतिनिधियों को फटकार लगाई और कहा कि उन्हें हर सूरत में यह राशि जारी करनी होगी। सभी से ब्याज सहित यह राशि वसूली जाएगी। बैठक में ऊर्जा विभाग से आए अधिकारी ने बताया कि विभिन्न परियोजनाओं के पैसे विभाग के पास जमा हैं, लेकिन परियोजना प्रभावित परिवारों की सूचि अब तक निर्धारित नहीं हो पाई है। इनमें अपर नंती परियोजना के 2012 से 2021 तक करीब 54 लाख, कोटागाड में परियोजना के 13 लाख, कूट परियोजना के 98.38.३८ लाख, जोगनी-2 53.39 लाख, जोगनी 30.42 लाख, नंती 28.37 लाख विभाग के पास जमा है, इसके अलावा अन्य परियोजनाओं की भी ऐसी ही सूचि नहीं बनी है। वहीं बैठक में सामने आया कि पंचायतों के विकास के लिए लाडा के तहत स्वीकृत करीब 82.79 लाख रुपये की राशि खर्च ही नहीं हो पाई है। एक दशक से भी अधिक समय गुजर जाने के बाद प्रभावितों को इस राशि का लाभ नहीं मिल पाया है। इस पर अध्यक्ष ने बीडीओ रामपुर को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए और पंचायतों को भी विकास कार्यों में पारदर्शिता और सामाजिक विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। बैठक  निर्णय लिया गया कि परियोजनाओं द्वारा लंबित लाडा राशि का एक सप्ताह के भीतर भुगतान किया जाए। बैठक में एडीएम शिमला पंकज शर्मा ने बताया कि लाडा संबंधी कमियों को जांचा जाएगा और अगली बैठक से पूर्व जांच पूरी कर ली जाएगी। लाडा के कार्यों की सूचि को लेकर अलग से बैठक की जाएगी। उन्होंने चिंता जताई कि परियोजनाओं के 2012 से काम चल रहे हैं, जबकि अभी तक प्रभावितों की सूचित तक निर्धारित नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि अगली बैठक से पूर्व लाडा की हर मद बारे स्पष्ट जानकारी उपलब्ध होगी। बैठक की कार्यवाही का संचालन एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रप्रभा नेगी, डीएफओ गुरहर्ष सिंह, बीडीओ राजेंद्र नेगी, एक्सईएन आरएस नेगी सहित विभिन्न परियोजनाओं के प्रतिनिधि और पंचायत प्रधान, उप प्रधान मौजूद रहे।

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