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Kinnaur: किन्नौर कैलाश यात्रा स्थगित होने से ग्रामीण, कारोबारी नाराज, आंदोलन की दी चेतावनी

किन्नौर कैलाश यात्रा 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस फैसले से कईं स्थानीय ग्रामीणों और कारोबारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने यात्रा बहाल न होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी दी है।ग्रामीणों और कारोबारियों ने मंगलवार को रिकांगपिओ स्थित उपायुक्त कार्यालय परिसर में शांतिपूर्ण तरीके बैनर पकड़ कर सांकेतिक धरना दिया। इसके बाद यात्रा को बहाल करने की मांग करते हुए एक ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। उन्होंने बताया कि 12 जून को हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं शिकायत निवारण मंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में किन्नौर कैलाश यात्रा को 1 जुलाई से 30 जुलाई तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। यात्रा स्थगित होने से स्थानीय लोगों की आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। कैंप, होमस्टे, ढाबा संचालक, पोर्टर और गाइड जैसे हितधारक प्रभावित हुए हैं। यात्रा संचालन समिति और स्थानीय ग्रामवासियों ने इसके अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। मेलिंग खड़ा में कैंप संचालकों ने अपने टेंट स्थापित कर दिए थे। यात्रियों के लिए राशन, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई थी। इन तैयारियों पर स्थानीय लोगों ने लाखों रुपये खर्च किए। 28 जून को कल्पा के उप-मंडलाधिकारी ने यात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इस स्थगन से कैंप, होमस्टे, ढाबा संचालकों, पोर्टरों और गाइडों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है। श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से जनहित और धार्मिक आस्था को देखते हुए यात्रा को शीघ्र बहाल करने का आग्रह किया है।

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