भारत-तिब्बत सीमा के सबसे निकटवर्ती गांव छितकुल में बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के दिन देवी माता मंदिर के कपाट छह महीने के लिए बंद हो गया। छितकुल की महिलाएं और पुरुषों ने अपनी जनजातीय रीति-रिवाजों से पूजा-अर्चना कर छितकुल देवी माता को गुप्त वास के लिए विशेष रूप से मंदिर में प्रवेश कराया। देवी माता छितकुल के पुजारी मदन नेगी, भारतण नेगी, माथस कृपाल नेगी और रजनीश कुमार, गुर जिया लाल नेगी, हिम्मत सिंह नेगी और तुलसी राम नेगी, ढोलोगा जनक सिंह नेगी और भंडारी अशोक नेगी ने बताया कि सदियों से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए बुधवार को देवी माता छितकुल मंदिर के कपाट छह माह के लिए बंद हुए हैं। अब कोई पूजा-पाठ नहीं किया जाएगा। समुद्र तल से किन्नौर के छितकुल गांव की ऊंचाई लगभग 3,450 मीटर है। यह बस्पा घाटी का अंतिम और सबसे ऊंचा गांव है, जो भारत-चीन सीमा के पास स्थित है।