भाजपा नेता सूरत नेगी ने प्रदेश में जनजातीय अधिकारों और भूमि वितरण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरा है। उन्होंने 2006 के वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन में कांग्रेस सरकार पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। नेगी ने बताया कि 2017 से 2022 के बीच भाजपा सरकार ने किन्नौर जिले में लगभग 500 डिमार्केशन किए और 1000 लोगों को भूमि आवंटित की। उन्होंने दावा किया कि 2022 में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से एफआरए के तहत किए जा रहे कार्यों में बाधा उत्पन्न की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस पर एफआरए और नो तोड़ नीति के बारे में जानकारी न होने का आरोप भी लगाया। नेगी ने जगत सिंह पर भूमि वितरण में बाधाएं उत्पन्न करने का आरोप लगाया और एफआरए के तहत भूमि वितरण में भाजपा सरकार और अपनी भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जनजातीय लोगों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए ईमानदारी से काम किया। नेगी ने कांग्रेस सरकार से जनजातीय लोगों के अधिकारों का सम्मान करने और एफआरए के तहत भूमि वितरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने की अपील की है।