आपदा में जिन लोगों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, उन्हें सरकार सात लाख का मुआवजा प्रदान करे। वहीं जो घर रहने लायक नहीं है, घर में दरारें आई हैं और घर खाली कर चुके हैं, ऐसे घरों को भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त घोषित किया जाए। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बाधित सड़कों को शीघ्र बहाल करें। यह बात रामपुर में भाजपा नेता कौल सिंह नेगी ने प्रेसवार्ता में कही। शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में कौल सिंह नेगी ने कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आपदा के कारण रामपुर विधानसभा क्षेत्र के कई गांव खतरे की जद में है, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है। बीते दो-तीन सालों से दारण, उच्ची, नरेण, शरनाल और उरमण सहित कई अन्य गांव लगातार धंस रहे हैं, लेकिन सरकार ने गावों को बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने जियोलाजिकल सर्वे करवाने की मांग उठाई है और उस आधार पर ठोस नीति बनाने की मांग रखी। कहा कि इस वर्ष आपदा से जमीनों और बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दें। वहीं, आपदा के कारण सडक़ों की बहुत ही दुर्दशा है। 15/20 को जोडऩे वाली गानवी सडक़, पांडाधार, सेरीपुल, सरपारा और काशा सडक़ बीते 20 से 25 दिनों से बंद है। बाधित सडक़ों को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जाए।