हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल की धर्मपुर पंचायत के कलस्वाई गांव में साईं इंटरनल फाउंडेशन की ओर से की जा रही प्राकृतिक खेती आज क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां बिना रासायनिक खाद व कीटनाशकों के उगाई जा रही मूली, शलगम, आलू, पालक, सरसों सहित विभिन्न प्रकार की सब्जियां और मशरूम लोगों की पहली पसंद बन चुकी हैं। ताजा, शुद्ध और रसायन मुक्त होने के कारण इन उत्पादों की बाजार में जबरदस्त मांग है और सब्जियां व मशरूम हाथों-हाथ बिक रहे हैं। साईं इंटरनल फाउंडेशन की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि जीरो लागत खेती भी लाभकारी हो सकती है। प्राकृतिक तरीकों से तैयार की जा रही फसल न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। फाउंडेशन की ओर से अपनाई गई इस खेती पद्धति ने आसपास के किसानों और युवाओं को भी प्रेरित किया है। वहां कार्यरत कर्मचारी कालीदास ने बताया कि यह सारा कार्य साईं इटरनल फाउंडेशन के संस्थापक राजकुमार वर्मा के मार्गदर्शन और आदेशानुसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। सीमित संसाधनों में बेहतर उत्पादन लेकर फाउंडेशन ने यह दिखा दिया है कि अगर सही दिशा और नीयत हो तो खेती घाटे का सौदा नहीं रहती।