अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को को उत्तरशाल घाटी के देव आदिब्रह्मा ने शहर की खुशहाली के लिए सुरक्षा कार बांधी। सुरक्षा कार बांधकर शहर के लोगों और महाशिवरात्रि महोत्सव में आने वालों की सुरक्षा का वादा भी किया। इस दौरान पूरे मंडी शहर की परिक्रमा की। परंपरा के अनुसार देवलुओं ने जौ के आटे को गुलाल की तरह हवा में उड़ाकर बुरी शक्तिओं के दूर रहने का आह्वान किया। सुरक्षा कार को लेकर मान्यता है कि इससे मंडी शहर पर बुरी शक्तिओं और आपदाओं का साया नहीं पड़ता है। महाशिवरात्रि के दौरान जनपद के कई वरिष्ठ देवी-देवता रियासतकाल से ही अपनी भागीदारी निभाते आए हैं। इनमें उत्तरशाल के देव आदिब्रह्मा की भूमिका अहम मानी जाती है।