हिमाचल किसान सभा की मंडी जिला कमेटी की बैठक रविवार को तारा चंद मेमोरियल भवन में संपन्न हुई। जिला कमेटी ने 12 फरवरी की अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन के आहवान पर मंडी, जोगिंद्रनगर , सरकाघाट, सुंदरनगर, बालीचौकी व जंजैहली में संयुक्त प्रदर्शनों में हिस्सा लेने का फैसला लिया है। इस अवसर पर राज्य उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका को व्यापक रियायतें देना भारत की अर्थव्यवस्था, कृषि और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं को लूटने के यंत्र लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर की लागत भी उपभोक्ताओं से वसूली जाएगी और बिजली बोर्ड की जगह प्राइवेट कंपनियां ले लेंगी। प्री पेड स्मार्ट मीटर से गरीबों के घरों में अंधेरा रहेगा। मोदी सरकार जो बिजली संशोधन बिल 2025 लाई है, उसका असली मकसद बिजली बोर्डों को कमजोर करके बिजली क्षेत्र को निजी कंपनियों के हवाले करना है। 29 हजार सेवानिवृत कर्मचारियों की पेंशन संकट में पड़ जाएगी और भविष्य में नौकरियों के दरवाजे बंद हो जाएंगे। बैठक में फैसला लिया गया कि 29 मार्च को किसान सभा का त्रिवार्षिक जिला सम्मेलन मंडी में होगा। 8 से 21 मार्च के बीच सभी ब्लॉक एवं जोनल कमेटियों के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। 13 फरवरी से 5 मार्च तक सभी इकाइयों के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। 22 फरवरी को किसान सभा के एक दिवसीय स्पेशल सदस्यता अभियान के तहत एक दिन में 5 हजार नए सदस्य भर्ती किए जाएंगे। स्मार्ट मीटर तथा बिजली के निजीकरण के विरोध में अलग से भी 25 फरवरी को जिला के सभी उपमंडलों में एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिए जाएंगे।