भाजपा मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने कहा कि प्रदेश में सुखविंदर सुक्खू सरकार द्वारा तीन वर्ष पूरे होने पर मंडी में जश्न मनाने की घोषणा करना समझ से परे है। सरकार को बताना चाहिए कि आखिर किस उपलब्धि पर यह उत्सव मनाया जा रहा है। विधानसभा चुनावों में झूठे वादे करके सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने तीन वर्षों में हर वर्ग को केवल निराश किया है। सड़कें जर्जर हैं, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, बेरोजगार, कर्मचारी, पेंशनर, किसान-बागवान सभी सड़कों पर हैं और सरकार कागज़ी घोषणाओं और प्रचार में लगी हुई है। जब हर घर तक परेशानी पहुंच चुकी है, तब सरकार द्वारा उत्सव मनाना जनता के दुखों का मज़ाक उड़ाने जैसा है। जम्वाल ने कहा कि मंडी जैसे उपेक्षित जिले में जश्न मनाने का निर्णय ही सरकार की सोच को दर्शाता है। वर्तमान सरकार ने मंडी जिला के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया है। कई संस्थान बंद कर दिए गए, और जो चल रहे हैं उन्हें भी कमजोर करने की लगातार कोशिशें की गईं। चाहे मेडिकल कॉलेज हो, मेडिकल यूनिवर्सिटी या सरदार पटेल विश्वविद्यालय—हर संस्थान को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। ऐसे माहौल में मंडी में उत्सव मनाने की बात करना जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पूर्व जयराम सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर हजारों परिवारों को नुकसान पहुंचाया है। आयुष्मान भारत योजना में उपचार लगभग ठप है और स्वास्थ्य संस्थानों पर करोड़ों की देनदारी है जिसे सरकार चुका नहीं पा रही। सहारा योजना, जिसके माध्यम से गंभीर बीमारी से जूझ रहे गरीब परिवारों को हर माह 3000 रुपये की राहत मिलती थी, उसे भी बंद कर दिया गया है। एक भी नया विकास कार्य शुरू नहीं हुआ, उल्टा जो चल रहे थे उन्हें भी रोक दिया गया। यह सरकार केवल दायित्वों से भागने और दोषारोपण की राजनीति में व्यस्त है। राकेश जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने युवाओं को हर साल 1 लाख नौकरियों का वादा किया था, महिलाओं को 1500 रुपये देने का वादा किया था, किसानों-बागवानों तथा कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी एक भी वादा पूर्ण नहीं हुआ। आज स्थिति यह है कि प्रदेश का कोई भी वर्ग ऐसा नहीं जिसे इस सरकार ने ठगा न हो। सरकार ने जनभावनाओं का जिस प्रकार दुरुपयोग किया है, वह लोकतंत्र के लिए भी चिंता का विषय है। अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अब जश्न मनाए या उत्सव, लेकिन जनता सब देख रही है। आने वाले चुनावों में हिमाचल की जनता कांग्रेस को उसी तरह जवाब देगी जैसे उसने तीन वर्षों तक जनता को ठगा। जिस दिन ईवीएम खुलेगी, उस दिन प्रदेश से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा और जनता ऐसी विफल सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी।