नारी सशक्तिकरण एवं भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका विषय पर मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास, स्वाभिमान एवं सामाजिक जागरूकता को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. अनुपमा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल अधिकारों की चर्चा नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़ी सतत प्रक्रिया है। उन्होंने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी सदैव से परिवार और समाज की आधारशिला रही है तथा उसके सशक्त होने से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। अनुपमा ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने आत्मबल को पहचानें, सामाजिक सहभागिता बढ़ाएं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम में नेहा वर्धान, श्यामा गौतम, पुष्पा ठाकुर, रजनी, संतोष सचदेवा व अन्य मौजूद रहे।