एक महीना पहले चनौता पंचायत के खिलाफ सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर पंचायत प्रधान सविता गुप्ता का निलंबन किया था। प्रधान ने इस आदेश को उपायुक्त मंडी की अदालत में एडवोकेट प्रताप सकलानी के माध्यम से चुनौती दी और कहा था कि जो उनका निलंबन किया गया है वह राजनीतिक षडयंत्र के तहत उन्हें बदनाम करने के इरादे से किया गया है। प्रधान ने कहा कि मेरे ऊपर जो आरोप लगाये गए थे बिल्कुल निराधार एवं गलत हैं, क्योंकि मैनें जो भी कार्य किया है उसके पीछे मेरी कोई गलत मंशा नहीं थी केवल और केवल लोगों के हित में मेरे द्वारा हर एक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी पंचायत की जनता के लिए कार्य किया है और आगे भी अपनी जनता के हित के लिए कार्य करेगी और अपनी पंचायत के लोगों के लिए जो उचित होगा उसे पूरा करने के लिए समर्पित रहूंगी। उन्होंने कहा कि वह अपनी जनता को यह विश्वास दिलवाती है कि वह अपनी पंचायत को आगे ले जाने में पूरा जोर लगाएगी। उन्होंने कहा कि मेरी प्रार्थना को स्वीकार करते हुए माननीय उपायुक्त महोदय द्वारा जिला पंचायत अधिकारी के आदेशों को स्थगित कर सत्य की जीत को सही साबित किया है। उन्होंने इसके लिए माननीय उपायुक्त महोदय का, एडवोकेट प्रताप सकलानी व ब्लाक के सभी कर्मचारियों का तहदिल से धन्यवाद किया है और सभी प्रधानों से आग्रह किया है कि वह कानून में रहकर अपने कार्य को करें ताकि इस तरह की परेशानी जो मुझे उठानी पड़ी वह आपको न उठानी पड़े ।