तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ठाकुर ने अब मोर्थ यानी मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे के सभी अधिकारियों के खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। यह चेतावनी उन्होंने मोर्थ के आरओ यानी क्षेत्रीय अधिकारी अनिल कुमार कुशवाह को दी। बता दें कि बुधवार शाम को अनिल कुमार कुशवाह आमरण अनशन पर बैठे विधायक से मिलने धर्मपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने विधायक से अपने अनशन को समाप्त करने का आग्रह किया और भरोसा दिलाया कि जो भी उनकी मांगें हैं उन्हें मंत्रालय के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा। लेकिन विधायक चंद्रशेखर ठाकुर उनके इस आश्वासन से नहीं मानें। चंद्रशेखर ने कहा कि प्रोजेक्ट डायरेक्टर और उनके कार्यालय के बाकी अधिकारियों ने धर्मपुर में हाईवे का सत्यानाश करके रख दिया है। आज 80 हजार की आबादी के प्रतिनिधि को अगर आमरण अनशन पर बैठना पड़ा है तो उसके पीछे यहां की जनता की वो समस्याएं हैं जिन्हें न तो सुना जा रहा है, न ही देखा जा रहा है और न ही उनका समाधान निकाला जा रहा है। अब ऐसे अधिकारियों को यहां से हटाने के सिवाय और कोई बात वे नहीं करना चाहते हैं। यदि ऐसा नहीं होता है तो वे मंत्रालय के अधिकारियों के खिलाफ असहयोग आंदोलन को शुरू करेंगे और भविष्य में किसी भी तरह का सहयोग इन्हें यहां की जनता से नहीं मिलेगा। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारी से आग्रह किया कि वे दूत की तरह उनकी बात को केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी तक पहुंचाएं ताकि इन अधिकारियों को यहां से हटाया जाए। उन्होंने बताया कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह सहित अन्य सभी नेता इस दिशा में प्रयासरत हैं। आमरण अनशन पर बैठे विधायक के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। तीन दिनों से अधिक का समय बीत चुका है और विधायक ने कुछ भी नहीं खाया है। ऐसे में उनका शूगर लेवल काफी डाउन चला गया है। हालांकि बीपी और शरीर की बाकी क्रियाएं अभी सामान्य हैं लेकिन बीना भोजन के शरीर में कमजोरी आ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि जैसे-जैसे दिन बढ़ते जाएंगे वैसे-वैसे यह समस्या और गंभीर होती जाएगी। चिकित्सकों की एक टीम विधायक के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।