बड़ा देव कमरुनाग मंडी शिवरात्रि का शुभारंभ करने शुक्रवार को गोत गांव में पुजारी बोधराज के घर से छोटी काशी रवाना हो गए। इस बार देवता के साथ गूर नहीं बल्कि बोधराज बतौर पुजारी मंडी शिवरात्रि में।शिरकत करेंगे। देवता के मंडी आगमन को लेकर उनके भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ा देव यजमानों के घरों में मेहमाननवाजी निपटाते हुए आगामी 14 फरवरी को छोटी काशी में प्रवेश करेंगे। राज देवता भगवान माधोराय से भव्य मिलन के साथ देव कमरुनाग मंडी शिवरात्रि के कारज शुरू करेंगे। देवता ने अपने गूर और देवलुओं को साफ निर्देश दिए हैं कि वे भगवान माधो राय से मिलन के बाद वे टारना मंदिर में पूरे मेले के दौरान भक्तों को दर्शन देंगे और मेला समाप्त होने पर देवता टारना मंदिर से सीधा सेरी चाननी में भक्तों को दर्शन देने के बाद यजमानों (भक्तों ) के घरों मेन मेहमाननवाजी निभाएंगे। बड़ा देव कमरुनाग जनपद के सबसे बड़े देवता हैं। हर साल महाशिवरात्रि पर्व इनके छोटी काशी में प्रवेश करने से ही शुरू होता है। देवता अन्य देवताओं की भांति पड्डल में नहीं अपितु टारना की पहाड़ी पर विराजमान होते हैं। देव कमरुनाग चमड़े के वाद्य यंत्रों को बर्दाश्त नहीं करते हैं। इसलिए देवता टारना पहाड़ी पर अकेले रहना पसंद करते हैं। देवता से हजारों लोगों की आस्था जुड़ी है और देवता के मंडी आगमन का छोटी काशी के लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। पुजारी बोधराज ने बड़ा