हिमाचल प्रदेश किसान सभा की लोकल कमेटी बालीचौकी ने शुक्रवार को किसान सभा के अखिल भारतीय आह्वान पर इकाई स्तर पर प्रदर्शन करते हुए मनरेगा के स्थान पर लाए गए नए कानून वीबी जी राम जी की प्रतियां जलाईं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने इस विधेयक को लोकसभा में बिना पर्याप्त चर्चा के पारित करवाया। जोकि मजदूर और किसान विरोधी है। किसान सभा राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह राणा ने कहा कि मोदी सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिनसे मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर हमला हो रहा है। मनरेगा को खत्म करने की साजिश के तहत यह नया कानून लाया गया है। जबकि मनरेगा के जरिए देशभर के करोड़ों लोगों ने वर्षों के संघर्ष के बाद काम का अधिकार हासिल किया था। महेंद्र राणा ने कहा कि नए कानून के तहत खर्च का बंटवारा बदलकर 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार पर डाल दिया गया है। पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रही राज्य सरकारों पर इससे अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके साथ ही यह कानून काम की गारंटी समाप्त करता है और वर्ष में केवल 60 दिन ही काम देने की बात करता है। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार इस नए कानून के माध्यम से काम के अधिकार को खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है। किसान सभा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि मनरेगा कानून को यथावत रखा जाए और इसके बजट में बढ़ोतरी कर इसे और मजबूत किया जाए। किसान सभा ने चेतावनी दी कि आने वाले समय में मोदी सरकार की किसान और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज किया जाएगा। टिकी बूंग में किसानों का नेतृत्व देवेंद्र कुमार, ग्राम पंचायत थाटा में इंद्र सिंह, बालीचौकी में महेंद्र सिंह राणा और पंजाई में प्रकाश चंद ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।