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Mandi: जोगिंद्र वालिया बोले- मेडिकल यूनिवर्सिटी के नाम पर बल्ह व सरकाघाट के लोगों को उलझा रहे सीएम

अंकेश डोगरा Updated Sun, 17 Aug 2025 03:28 PM IST

हिमाचल किसान सभा के उपाध्यक्ष जोगिंद्र वालिया ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी को बल्ह (नेरचौक) से सरकाघाट स्थानांतरित करने की घोषणा का विरोध किया है। किसान सभा ने मांग की है कि इस घोषणा को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सुखु ने मंडी जिला की जनता को आपस में लड़ाने का प्रयास किया है। वालिया ने कहा कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज मंडीवासियों को लंबे संघर्ष के बाद मिला था। धूमल सरकार मंडी में निजी मेडिकल कॉलेज खोलना चाहती थी और मंडी अस्पताल को भी निजी हाथों में सौंपने जा रही थी, जिसका जन-आंदोलन के माध्यम से कड़ा विरोध हुआ। इसके बाद मजबूरी में धूमल सरकार को ईएसआईसी की मदद से नेरचौक में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा करनी पड़ी। हालांकि भवन बनने के बाद 2016 में ईएसआईसी ने हाथ खड़े कर दिए और प्रदेश सरकार को इसे अपने खर्चे पर चलाना पड़ा। इसके उपरांत 2019 में अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई, ताकि हिमाचल के सभी मेडिकल संस्थानों को एक ही केंद्र से बेहतर सुविधा मिल सके। कहा कि कभी बल्ह (ढांगु-लुनापनी), कभी सुंदरनगर (बलग) और अब सरकाघाट में यूनिवर्सिटी स्थानांतरित करने की घोषणाएं केवल राजनीतिक स्वार्थों को साधने के लिए की गई हैं। किसान सभा का मानना है कि जब पिछले 7 वर्षों में न जयराम सरकार और न ही सुक्खू सरकार इस यूनिवर्सिटी को अस्तित्व में ला सकी तो अब दो-ढाई साल में यह संभव नहीं है। किसान सभा की स्पष्ट मांग है कि सरकाघाट में भी कोई बड़ा संस्थान एयरपोर्ट, स्पोर्ट्स कॉलेज, नर्सिंग संस्थान आदि स्थापित किया जाए। जबकि मेडिकल यूनिवर्सिटी नेरचौक में ही रहे। यदि सरकार ने इस घोषणा को वापस नहीं लिया तो किसान सभा अन्य जनसंगठनों के साथ मिलकर व्यापक संघर्ष छेड़ने के लिए बाध्य होगी।

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